अंगद का पैर होना पर टिप्पणी
अंगद का पैर होना यह एक मुहावरा है जिसका मतलब होता है अत्यंत दृढ़ संकल्प होना. परंतु इस मुहावरे में अंगद कौन है?

यदि आपने तुलसीदास रामायण देखी है तो उसमें एक पात्र आता है अंगद जो कि वानरों की सेना में बल-बुद्धि में हनुमान जी के बाद आता है. रावण-अंगद संवाद के अंत में अंगद अपना पैर धरती पर जमा लेता है और सब को चुनौती देता है कि यदि कोई उसका पैर हिला पाए तो श्री राम अपनी हार मान लेंगे.
अंगद पूरे दृढ़ निश्चय के साथ पैर धरती पर जमा लेता है और अपने मन को श्री राम प्रभु पर केंद्रित कर लेता है. रावण के दरबार में बैठे सभी वीर और स्वयं रावण भी प्रयास करते हैं परंतु उसका पैर कोई भी नहीं हिला पाता.
अंगद का पैर होना का वाक्य
वाक्य – आर्यन एमबीए करने के पीछे ऐसे पड़ गया है जैसे अंगद का पैर हो
वाक्य – महेंद्र पहलवान को धोबी पछाड़ देना तो अंगद के पैर के समान कठिन है
वाक्य – भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जी विपक्षी दलों के लिए अंगद का पैर साबित हो रहे हैं
वाक्य – हमारा बालक तो खिलौने के लिए अंगद का पैर हो जाता है
वाक्य – रामू काका का लड़का तो अफसर बनने के लिए अंगद का पैर हो गया है