जितने मुँह उतनी बातें लोकोक्ति का अर्थ और वाक्य में प्रयोग in hindi

Meaning
जितने मुँह उतनी बातें लोकोक्ति का अर्थ (jitne muh utni baatein ka arth) – जब हर व्यक्ति अलग बातें कहे

जितने मुँह उतनी बातें कहावत पर टिप्पणी

यह कहावत समझने का सबसे अच्छा उदाहरण है कि आप वह दिन याद करें जब आपको कोई गंभीर बीमारी हुई थी तब आप के परिजन व मित्र सबने अलग-अलग राय देते हुए अलग-अलग नुस्खा बताया होगा। जहां हर व्यक्ति अलग-अलग राय दे व बात कहै तब इस कहावत का प्रयोग होता है।

इसका दूसरा अर्थ ‘अनेक प्रकार की अफवाहें’ भी होता है।

Similar proverb in English “Many men many Minds”.

जितने मुँह उतनी बातें का वाक्य प्रयोग (sentence)

वाक्य – जब तेंदुलकर का प्रदर्शन खराब होने लगा तब उनके रिटायरमेंट को लेकर जितने मुंह उतनी बातें होने लगी।

वाक्य – जब से मुझे बीमारी ने पकड़ा है रिश्तेदार सब तरह-तरह के नुस्खे बताने लगे हैं। उफ़ जितने मुंह उतनी बातें।

वाक्य – जबसे रमेश को व्यापार में चांदी हुई है तब से परिजनों में ‘वह स्मगलिंग करता है’, ‘वह वसूली करता है’ आदि बातें होने लगी है। आखिर जितने मुंह उतनी बातें।

वाक्य – मैंने प्रोजेक्ट के संदर्भ में कक्षा में पूछ क्या लिया जितने मुंह उतनी बातें होने लगी।